क्या 12 साल पहले सहवाग की राह पर चल पड़े है रोहित शर्मा, टीम इंडिया को मिल गया वर्ल्ड कप जीतने का फॉर्मूला
क्या 12 साल पहले सहवाग की राह पर चल पड़े है रोहित शर्मा, टीम इंडिया को मिल गया वर्ल्ड कप जीतने का फॉर्मूला

न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के तीसरे वनडे मुकाबले में भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा और शुभ्मन गिल की सलामी जोड़ी ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी का मुआयना पेश किया। इन दोनों खिलाड़ियों ने शानदार बल्लेबाजी की और न्यूजीलैंड के खिलाफ जीत हासिल करने में बड़ी भूमिका निभाई। वहीं भारतीय टीम इस समय शानदार प्रदर्शन कर रही है और इस फॉरमैट की नंबर वन टीम भी बन चुकी है। लेकिन इस फॉर्मेट में जिस तरीके से रोहित शर्मा ने बल्लेबाजी की है उससे एक बात तो साफ है कि रोहित अपने बल्लेबाजी का तरीका बदल चुके हैं।

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वर्ल्ड कप जीतना है अगला लक्ष्य

जिस तरीके से रोहित शर्मा समय बल्लेबाजी कर रहे हैं। उससे एक बात तो साफ है कि रोहित को घर में ही वर्ल्ड कप जीतने के सपने को साकार करने का फार्मूला मिल चुका है। रोहित बिल्कुल उसी तरीके से अपना प्रदर्शन दिखा रहे हैं। जैसे साल 2011 में सहवाग ने वर्ल्ड कप के लिए किया था। सहवाग ने 2011 के वर्ल्ड कप मैं ओपनिंग करते हुए 47.5 की औसत 122 की स्ट्राइक रेट के साथ साथ मुकाबले खेले थे। जिसमें उन्होंने 380 रन बनाए थे वह इंदौर वनडे में पहले आखिरी शतक के बाद रोहित ने 15 पारी में 39. 6 की औसत और 104 की स्ट्राइक रेट से साथ रन बनाए हैं।

मध्य क्रम से बने सलामी बल्लेबाज

रोहित ने अपने करियर मध्यक्रम बल्लेबाज के रूप में शुरू किया था लेकिन साल 2013 से पहले उन्होंने 2364 के साथ 1978 में आए हैं। उनका स्ट्राइक रेट भी इस दौरान काफी कम था। रोहित को जब स्थाई तौर पर ओपनिंग की जिम्मेदारी दी गई तब वह वाइट बॉल क्रिकेट में भारत के सबसे सफल बल्लेबाजों में से एक बने बतौर ओपनर रोहित शर्मा तीन दोहरे शतक लगा चुके हैं। वहीं पारी की शुरुआत करने के दौरान भी उनका औसत 92.7 के साथ स्ट्राइक रेट का रहा है। जहां उन्होंने 7663 रन बनाए हैं।

इस वजह से रोहित ने बदला अपने खेलने का तरीका

दरअसल भारत के टॉप बॉर्डर पर आप देखेंगे तो शुभमन और विराट कोहली के खेल में जहां काफी समानता है। तो वहीं गिल और रोहित के खेल में काफी अंतर है। गिल और विराट मैदान पर टिकने के लिए समय लेते हैं। लेकिन निरंतर अच्छा प्रदर्शन करते हैं और इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट भी काफी अच्छा रहता है वहीं अगर बात रोहित शर्मा की करें

रोहित शर्मा के लिए जरूरी है कि वह टॉप ऑर्डर में खुलकर खेल दिखाए। ऐसा करने में अगर वह जल्दी आउट भी हो जाते हैं तो वह पारी संभालने के लिए विराट और गिल मौजूद है। वैसे मैं भी देखना काफी दिलचस्प हो जाएगा कि रोहित शर्मा के 2011 में वर्ल्ड कप वाले सहवाग के प्रदर्शन को दोहरा पाने में कामयाब हो पाते हैं या नहीं।

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