चयनकर्ताओं द्वारा इन 3 खिलाड़ियों को भारतीय टीम में खेलने के दिए गए खूब मौके, लेकिन भुनाने में हुए नाकाम
By Sangeeta Tiwari On December 30th, 2022 | Last updated on October 17th, 2026

क्रिकेट एक ऐसा मैदान है जहां हर खिलाड़ी एक ही सपना सजाता है कि वह अपने देश की टीम के लिए मैदान पर खेल सके जहां कुछ खिलाड़ी अपनी मेहनत के दम पर अपने इस सपने को साकार कर पाते हैं तो वहीं कुछ ऐसे भी खिलाड़ी होते हैं जिन्हें भारतीय टीम में चांस तो मिलता है लेकिन उस मौके को वह खिलाड़ी सही ढंग से भुनाने में नाकाम साबित होते हैं जिसके चलते यह खिलाड़ी टीम में अपनी जगह पक्की नहीं कर पाते। तो आइए आज आर्टिकल के जरिए हम आपको ऐसे ही खिलाड़ियों के बारे में बताएंगे।
वेंकटेश अय्यर
हार्दिक पांड्या के चोटिल होने के बाद जब जब भारतीय टीम के खिलाड़ी वेंकटेश अय्यर को मौका दिया गया, तब तब वह खिलाड़ी अपने प्रदर्शन के दौरान बेहतरीन प्रदर्शन करने में नाकाम रहा। 9 टी 20 और 2 वनडे मैच खेलने वाले वेंकटेश अय्यर अपने इन मुकाबलों के दौरान अपनी गेंदबाजी के चलते कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके, और ना ही इस दौरान उनकी बल्लेबाजी में दम नजर आया। फिलहाल इस समय भारतीय टीम से यह खिलाड़ी बाहर चल रहा है।
शिवम दुबे
जितनी तीव्र गति से भारतीय टीम में शिवम दुबे शामिल हो सके थे उतनी ही तीव्र गति के साथ इस खिलाड़ी को बाहर का रास्ता भी दिखा दिया गया सिर्फ इतना ही नहीं जब शिवम दुबे द्वारा टीम में अपना पदार्पण किया गया था तो लोगों को शिवम दुबे के अंदर युवराज सिंह की झलक नजर आती थी।
शिवम तो मौके मिलने के बाद उन्हें भुनाने में नाकाम साबित हुए भारत के लिए यह खिलाड़ी 21 वनडे और 13 टी-20 मुकाबले खेलते हुए बेहतरीन प्रदर्शन कर पाने में नाकाम रहा बता दें साल 2020 में शिवम दुबे अपना आखिरी अंतर्राष्ट्रीय मुकाबला खेले थे।
विजय शंकर
भारतीय टीम ने साल 2019 में वर्ल्ड कप के दौरान बतौर 3D प्लेयर शामिल हुए खिलाड़ी विजय शंकर से बहुत अधिक उम्मीदें लगा रखी थी। लेकिन मैदान पर यह खिलाड़ी ना ही अपनी गेंदबाजी से कुछ खास प्रदर्शन कर सका, और ना ही बल्लेबाजी से कुछ खास कमाल दिखा पाया।
विजय शंकर लोगों को अपनी तरफ प्रभावित करने में नाकाम साबित हुए। भारत के लिए 12 वनडे और दो टी20 मुकाबले खेलने वाले विजय शंकर ने अपना आखिरी मुकाबला साल 2019 में खेला था।