इस ऑटो ड्राइवर के बेटे को मिला Team India में मौका, हुआ भावुक, नहीं रख सका आंसुओं पर कंट्रोल, कही दिल छू लेने वाली बात
By Sangeeta Tiwari On June 25th, 2023 | Last updated on October 17th, 2026

अगले महीने से भारत और वेस्टइंडीज के बीच रोमांचक मुकाबला होने वाला है, जिसके लिए Team India का ऐलान कर दिया गया है। भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली जाने वाली इस सीरीज में दो टेस्ट, तीन वनडे और 5 टी20 मैचों की सीरीज शामिल है। बीसीसीआई ने शुक्रवार को इसके लिए 15 सदस्यीय टीम का ऐलान भी कर दिया है। इसमें बिहार के रहने वाले ऑटो ड्राइवर के बेटे मुकेश कुमार को भी मौका मिला है।
यह खबर सुनने के बाद तेज गेंदबाज मुकेश कुमार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा, और अपने पिता को याद करते हुए वह भावुक हो उठे। इसी के चलते उन्होंने दिया कुछ दिल छू लेने वाला बयान।
मुकेश कुमार ने दिया भावुक बयान
प्रत्येक खिलाड़ी का यह सपना होता है कि वह भारतीय टीम के लिए खेलें लेकिन बहुत ही कम खिलाड़ियों का यह सपना पूरा हो पाता है। विशेष रूप से टेस्ट क्रिकेट में तो बहुत ही कम खिलाड़ियों को अपनी किस्मत चमकाने का मौका मिल पाता है। ऐसी स्थिति में बिहार के 29 वर्षीय तेज गेंदबाज मुकेश कुमार वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे और टेस्ट स्क्वाड के लिए चुने गए हैं। मुकेश कुमार का इस चयन के बाद खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
इस खास मौके पर वह TOI से बात करते हुए अपने माता पिता और उनके करियर में सपोर्ट करने वाले लोगों को याद करने लगे और कहीं कुछ दिल छू लेने वाली बात,
“मेरा सपना अब मेरे सामने है .मैं हमेशा से भारत के लिए टेस्ट खेलना चाहता था और आखिरकार मैं यहां तक पहुंच गया. मुझे यकीन है कि मेरी उन्नति को देखकर पिताजी अब खुश होंगे. मम्मी और पापा मेरे सभी दोस्त सभी का समर्थन रहा. मुझ पर विश्वास करने के लिए हमेशा मेरे साथ रहें. सौरव गांगुली सर, जॉयदीप (मुखर्जी) सर और मेरे गुरु रणदेब बोस सर, जिन्होंने हमेशा लाल गेंद वाले क्रिकेट में मेरा मार्गदर्शन किया है. उनकी मदद के बिना मैं नहीं कर सकता था.”
पिता थे एक मामूली ऑटो ड्राइवर
प्रत्येक खिलाड़ी के पिता का यह सपना होता है, कि उसका लाडला भारतीय टीम के लिए खेलें। माता-पिता दोनों की यही इच्छा होती है, कि एक दिन राष्ट्रीय टीम के लिए उनका बेटा खेलें।
ऐसी स्थिति में बिहार के 29 वर्षीय मुकेश कुमार का अब बहुत जल्द ही यह सपना पूरा होने जा रहा है, क्योंकि साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेली जाने वाली तीन वनडे मैचों की सीरीज के लिए उनका चयन हुआ था। पर इस दौरान उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिल सका, लेकिन अब मुकेश कुमार वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट मैच में अपना पदार्पण कर सकते हैं।
उनकी इस बड़ी कामयाबी के पीछे उनका कठिन संघर्ष छिपा हुआ है। शायद ही लोगों को मालूम हो कि फर्स्ट क्लास क्रिकेट के दौरान अपनी धाकड़ गेंदबाजी से विरोधियों का लोहा मनवाने वाले मुकेश कुमार के पिता काशीनाथ सिंह एक ऑटो रिक्शा चालक थे। साल 2012 में उनके पिता की मौत हो गई थी।
मुकेश कुमार अपने पिता की मौत के बाद पूरी तरह से टूट गए थे, लेकिन फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार प्रयास करते रहे और आज जाकर उस मुकाम पर पहुंच गए हैं, जहां पहुंचने का उन्होंने बचपन में सपना देखा था। मुकेश कुमार भावुक होते हुए बोले कि आज जहां कहीं भी उनके पिताजी होंगे उनकी यह सफलता देखकर वह भी बहुत खुश होंगे।
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