Happy Birthday: क्रिकेट की दीवानगी के आगे जहीर ने छोड़ी इंजीनियरिंग की डिग्री, मैदान में आते ही किया ‘नकल बॉल’का अविष्कार
By Manika Paliwal On October 7th, 2022 | Last updated on October 17th, 2026

इंडियन क्रिकेट टीम में कई सारे ऐसे दिग्गज खिलाड़ी आए हैं। जिन्होंने अपना एक अलग नाम और अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उनमें से एक खिलाड़ी है पूर्व भारतीय बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जहीर खान। वह आज अपना 44वां जन्मदिन मना रहे हैं। साल 2000 में सौरव गांगुली की कप्तानी में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी को क्रिकेट का जुनून सवार था कि उन्होंने इंजीनियर की पढ़ाई को छोड़ क्रिकेट की तरह अपना करियर बनाना मुनासिब समझा।
वैसे तो अक्सर इंजीनियर को कोई ना कोई नई खोज करने के लिए जाना जाता है। उन्होंने क्रिकेट की दुनिया में आकर के नकल बॉल का आविष्कार किया चलिए आपको बताते हैं आज खिलाड़ी के जन्मदिन के मौके पर उनकी अनसुनी बातों के बारे में।
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यहां से शुरू की थी नकलबॉल की शुरुआत
2004-5 की बात है जब जहीर खान के करियर का एक बहुत ही खराब फेस चलता था। उस वक्त उन्हें टीम में शामिल नहीं किया गया था बल्कि बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। उसी वक्त उन्होंने नक़ल बॉल की खोज की और जमकर प्रैक्टिस की। जब दोबारा उनकी टीम इंडिया में वापसी हुई तो उन्होंने इस दिन का इस्तेमाल किया। हालांकि जहीर खान अपनी नकल बॉल गेम के लिए काफी ज्यादा फेमस है और गेंदबाज आज भी इस गेंद का बखूबी इस्तेमाल बल्लेबाजों के लिए करते हैं।
जब इंजीनियर की डिग्री को छोड़ किया क्रिकेट में जाने का फैसला

7 अक्टूबर 1978 को महाराष्ट्र के थी रामपुर में जन्मे जहीर खान क्रिकेटर बनने के लिए काफी ज्यादा जरूरी है और उनकी क्रिकेटर बनने की कहानी भी काफी अलग है। जहीर के जीवन की शुरुआती पढ़ाई श्रीरामपुर की हिंद सेवा मंडल न्यू मराठी प्राइमरी स्कूल से पूरी हुई। इसके बाद के सीनियर सेकेंडरी स्कूल में उन्होंने अपने आगे की पढ़ाई को पूरा किया। फिर उन्होंने इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला लिया। लेकिन जहीर खान तो किसी और ही चीज में अपना करियर बनाना चाहते हैं।
हालांकि उस वक्त उनकी दीवानगी को देखकर उनके पिता ने उन्हें सलाह दी कि देश में इंजीनियर तो बहुत कम है। तुम तेज गेंदबाज बनो। पिता की इस बात से जहीर खान का क्रिकेट की दुनिया में आने का सफर यहीं से शुरू हुआ। हालांकि जहीर खान को आज जैक के नाम से भी जाना जाता है 17 की उम्र में मुंबई आने के बाद वही ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत की जिमखाना क्लब के खिलाफ खेले गए मैच के दौरान काफी फेमस हो गए हैं।
हालांकि उस वक्त के एमआरएफ पेस फाऊंडेशन सीए शेखर की नजर जहीर पर पड़ी और कोई भी लेकर चले आए। जहां से उनके क्रिकेटर बनने का सफर शुरू हुआ इसके बाद उन्होंने फर्स्ट क्लास और इंटरनेट की दुनिया में अपने कदम को आगे बढ़ाया जिसके बाद आज तक पीछे मुड़कर नही देखा।
एक नजर जहीर खान के क्रिकेट करियर पर
साल 2011 के वर्ल्ड कप के दो 23 विकेट चटकाने वाले स्थान का क्रिकेट करियर काफी शानदार रहा है। वर्ल्ड कप में उन्होंने कुल 44 विकेट अपने नाम की है। उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में कुल 92 टेस्ट मैच खेले हैं जिसमें खिलाड़ी ने 311 विकेट अपने नाम किए हैं। वहीं 200 वनडे खेलते हुए खिलाड़ी ने 282 विकेट अपने नाम किया और 17 की 29 टन मुकाबले खेलते हुए 17 विकेट इस खिलाड़ी ने अपने नाम किये हैं।
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