IND vs WI : 16 साल पुरानी इस बात को याद कर Rohit Sharma ने बताया नंबर 7 पर बल्लेबाजी करने का मुख्य कारण
By Sangeeta Tiwari On July 29th, 2023 | Last updated on October 17th, 2026

IND vs WI : भारत और वेस्टइंडीज के बीच बारबाडोस में पहला एकदिवसीय मुकाबला खेला गया, जिसमें भारतीय टीम ने 5 विकेट से वेस्टइंडीज टीम को हराते हुए जीत हासिल की। पहले बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज टीम मात्र 118 रनों पर सिमट गई, स्पिन ट्रैक पर भारतीय गेंदबाज कुलदीप यादव कुलदीप यादव द्वारा 4 और रवींद्र जडेजा द्वारा 3 विकेट लेकर विंडीज को मात दी।
रोहित शर्मा ने की सातवें नंबर पर बल्लेबाजी
भारतीय टीम इस लक्ष्य तक 22.5 ओवर में 5 विकेट रहते हासिल करने में कामयाब रही। सबसे खास बात यह रही कि रोहित शर्मा सातवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरे। ओपनिंग में उन्होंने ईशान किशन और शुभमन जैसे दिग्गजों को मौका दिया, वही सूर्यकुमार यादव तीसरे नंबर पर, हार्दिक पांड्या चौथे नंबर पर, पांचवें नंबर पर रविंद्र जडेजा और छठे नंबर पर शार्दुल ठाकुर बल्लेबाजी करते नजर आए। मैच समाप्त होने के बाद रोहित शर्मा ने सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने का कारण भी बताया।
रोहित शर्मा ने बताया कि मैंने यह बात कभी नहीं सोची थी कि पिच इस तरह की होगी। टीम को आवश्यकता थी,कि गिल और ईशान किशन पहले गेंदबाजी करते हुए स्कोर बनाएं, क्योंकि सीमर्स और स्पिनरों के लिए पिच पर सब कुछ था, हमारे गेंदबाजो ने बेहतरीन प्रदर्शन कर स्कोर को सीमित रखने में सहायता की।
वनडे के खिलाड़ियों को देना चाहते हैं समय
रोहित शर्मा ने कहा कि वनडे के लिए हम खिलाड़ियों को खेल का समय देना चाहते हैं, और जब भी संभव हो सकेगा हम उन चीजों को आजमाने का प्रयास करेंगे। 115 तक उन्हें सीमित रखने के लिए हमें मालूम था, कि इन लोगों को आजमाया जा सकता है मुझे नहीं लगता कि इन लोगों को अधिक से अधिक मौके मिलेंगे।
अपने डेब्यू को रोहित ने किया याद
16 साल पहले बीत चुके अपने डेब्यू को रोहित शर्मा ने याद किया और कहा कि जब मैंने भारतीय टीम के लिए डेब्यू किया था, तो सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करता था। आज भी मुझे उन दिनों की याद आ गई। जी हां रोहित शर्मा ने जून 2007 में आयरलैंड के खिलाफ बेलाफेस्ट में पदार्पण किया था, लेकिन उन्हें बल्लेबाजी का मौका नहीं मिल सका लेकिन जब साउथ अफ्रीका के खिलाफ बेला टेस्ट में उन्हें खेलने का मौका मिला तो वह सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे हालांकि उन्होंने 8 रन ही बनाए थे।
उन्होंने डेब्युटेंट मुकेश कुमार की तारीफों के पुल बांधते हुए बताया कि वह काफी बेहतरीन थे, उनमें गेंद को अच्छी तरह से स्विंग कराने की क्षमता थी, यह देखकर काफी अच्छा लगा कि वह क्या प्रेजेंट कर सकता है मैंने उन्हें घरेलू क्रिकेट खेलते हुए अधिकतर नहीं देखा है।