क्रिकेट के मैदान में इन 3 खिलाड़ियों ने कैंसर को मात देकर चमकाया अपना नाम, तीनों हैं वर्ल्ड कप के हीरो
By Manika Paliwal On August 19th, 2022 | Last updated on October 17th, 2026

क्रिकेट के मैदान में कई बार ऐसा देखा गया है कि खिलाडी लाइफ मैच के दौरान चोटिल हो जाते हैं। लेकिन इसके बावजूद भी मैच को जारी रखते हैं अनिल कुंबले से लेकर के ब्रैट ली तक चोटिल होने के बावजूद भी आखिरी पलों तक खेलते हुए दिखाई दिए हैं। लेकिन आज हम आपको क्रिकेट की दुनिया के कई सारे ऐसे खिलाड़ियों के बारे में बताने वाले हैं। जिन्होंने घातक बीमारी से लड़ने के बावजूद टीम इंडिया में अपनी वापसी करके शानदार प्रदर्शन किया है और क्रिकेट के खिलाड़ियों के बारे में जिन्होंने कैंसर जैसी बीमारी से लड़ने के लिए एक मिसाल पेश की है।
Read More : क्रिकेट में नहीं चला इन 3 इंटरनेशनल खिलाड़ियों के नाम का सिक्का मज़बूरी में अपना पेट पालने के लिए बस ड्राइवर
युवराज सिंह

साल 2007 T20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड को छह गेंदों में छह छक्के जड़ने वाला भारतीय बल्लेबाज भी कैंसर को मात दे चुका है। जी आपको बता दें कि साल 2011 के वर्ल्ड कप के बाद ही उन्होंने अपने फेफड़ों के कैंसर का पता चला था। जिसके बाद उन्हें कीमोथेरेपी के लिए बूस्टर ले जाया गया
करीबन 10 हफ्ते से ज्यादा ही उपचार चला था और उसके बाद खिलाड़ी ने कैंसर से जंग जीत ली थी भारत के लिए युवराज सिंह ने 40 टेस्ट मैचों को खेलते हुए 19 रन बनाए हैं। मगर बाद वनडे मैचों की करें तो इस खिलाड़ी ने 304 मुकाबले खेलते हुए 8701 रन बनाए हैं खिलाड़ी खेलते हुए 1177 रन बनाए हैं।
माइकल क्लार्क

क्रिकेट हमेशा से ही खुले आसमान के नीचे खेले जाने वाला खेल है। लेकिन इस दौरान अगर सूरज ही खिलाड़ियों का दुश्मन बन जाए तो फिर आप कुछ नहीं कर सकते। ऐसा ही कुछ ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क के साथ हुआ दरअसल क्लार्क स्किन कैंसर के शिकार थे।
जिस वजह से उन्हें साल 2006 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज से बाहर होना पड़ा। वह डॉक्टर के लिए गए उन्होंने जांच के लिए उनको भेजा और वहां पर उन्हें स्किन कैंसर का पता चला डॉक्टरों ने खिलाड़ी के नाक और होठों से तीन कैंसर निकाले। जिसके बाद मैदान पर अक्सर इस खिलाड़ी को लंबी चौड़ी टोपी के साथ देखा जाता था।
मैथ्यू वेड

ऑस्ट्रेलिया बल्लेबाज मैथ्यू जब मैं 16 साल के थे। तब उन्हें टेस्टिकुलर कैंसर की शिकायत थी। अपने राज्य की तरफ से फुटबॉल मुकाबले के दौरान उन्हें कमर में चोट लगी थी। जिसके बाद से वह थकान महसूस करने लगे थे और जांच में डॉक्टर के पास पहुंचे तो उन्हें घातक बीमारी के बारे में पता चला
जिसके बाद उनका लंबे समय तक इलाज चला और अब तक इस खिलाड़ी ने ऑस्ट्रेलिया की तरफ से खूब क्रिकेट खेला है। आपको बता दें इस खिलाड़ी ने 36 मुकाबलों को खेलते हुए 1613 रन बनाए हैं। वही वनडे मैच मैच खिलाड़ी ने अट्ठारह सौ 16 रन बनाए हैं T20 की अगर बात करें तो इस खिलाड़ी ने 828 रन अपने नाम की है।
Read More : जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले वनडे के लिए पूर्व क्रिकेटर ने बनाई प्लेइंग इलेवन, नहीं दी ईशान किशन को जगह