वनडे में कभी भी आउट ना होने वाले यह तीन Indian Batsmen हो गए टीम से बाहर
By Sangeeta Tiwari On April 4th, 2023 | Last updated on October 17th, 2026

कुछ ऐसे भी दिग्गज खिलाड़ी (Indian Batsmen) रहे हैं, जो भारतीय टीम के लिए खेले तो हैं, लेकिन उन खिलाड़ियों का कहीं जिक्र नहीं किया जाता है। क्योंकि दिग्गज खिलाड़ियों की लिस्ट में कुछ मैच खेलने वाले या थोड़े समय के लिए टीम में जगह बनाने वाले भारतीय खिलाड़ियों को हमेशा के लिए याद नहीं किया जाता है। कई बार तो ऐसा होता है, कि किसी भी खिलाड़ी द्वारा एक मैच खेलने के बाद उस खिलाड़ी को दोबारा टीम में वापसी ही नहीं मिल पाती। कुछ ऐसे ही खिलाड़ी वनडे टेस्ट और टी20 प्रारूप के दौरान आए, जिनके द्वारा देश के लिए मात्र एक ही मुकाबला खेला गया।
प्रत्येक खिलाड़ी का सपना होता है कि वह अपने देश की राष्ट्रीय टीम के लिए खेलें। टीम में खुद को स्थापित करना, शतक बनाना और लंबे समय तक टीम के लिए खेलने का सपना तो हर खिलाड़ी देखते हैं, लेकिन कई बार तो ऐसा होता है, कि उन खिलाड़ियों की की गई मेहनत का उन्हें कोई परिणाम नहीं मिलता है। इसके साथ ही कुछ मौकों पर खराब प्रदर्शन के चलते उन्हें टीम से बाहर भी कर दिया जाता है।
लेकिन इसके साथ ही कुछ खिलाड़ी ऐसे भी होते हैं, जिनकी मेहनत रंग अवश्य दिखाती है और वह खिलाड़ी अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर टीम में अपनी जगह बनाने में कामयाब हो जाते हैं। लेकिन इन सबके बीच कुछ ऐसे भी खिलाड़ी रहे हैं, जिन्हें खराब प्रदर्शन ना होने के बावजूद भी टीम से बाहर कर दिया गया। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको ऐसे ही 3 खिलाड़ियों के बारे में बताएंगे, जो वनडे क्रिकेट में आउट नहीं हुए लेकिन फिर भी उन्हें भारतीय टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
भरत रेड्डी
बहुत ही कम लोगों को इस भारतीय खिलाड़ी के बारे में मालूम होगा। साल 1978 से लेकर 1981 तक भारत के लिए तीन वनडे खेलने वाला यह खिलाड़ी दो बार बल्लेबाजी भी कर चुका है। वनडे करियर में खेले गए तीन मैचों के दौरान यह खिलाड़ी अविजित रहा। उन्हें 20 गेंदें खेलने का चांस मिला इसके साथ दोनों पारियों में उनके द्वारा 11 रन बनाए गए। इसके बाद भारतीय टीम से भरत रेड्डी बाहर कर दिए गए।
फैज फजल
यह भारतीय बल्लेबाज भारत के लिए मात्र एक ही मैच खेला, जिसमें नाबाद 55 रनों की पारी खेली गई। जिंबाब्वे के खिलाफ हरारे में 2016 में खेले गए वनडे के बाद इस खिलाड़ी को टीम में वापसी नहीं मिल सकी। यह नाइंसाफी इसी के साथ घटित हुई है।
सौरभ तिवारी
वनडे मैचों के दौरान इस भारतीय बल्लेबाज को टीम के लिए तीन वनडे मैचों में खेलने का चांस मिल सका। इसके साथ ही उन्हें दो पारियों में बल्लेबाजी का भी मौका मिला। लेकिन वह फिर भी आउट नहीं हुए, उनके द्वारा अपने करियर का पहला मैच ऑस्ट्रेलिया और दूसरा मैच साल 2010 में न्यूजीलैंड के खिलाफ बेंगलुरु में खेला गया था। जिसमें वह नाबाद 37 रन बनाकर टीम को जीत दिलाने में कामयाब रहे। इसके बाद अगले मैच के दौरान उनकी बल्लेबाजी काम नहीं आई, जिसके चलते उन्हें टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।