बतौर बल्लेबाज हिट ये 3 भारतीय Cricketer, कप्तानी में हुए बुरी तरह से फ्लॉप
By Sangeeta Tiwari On March 31st, 2023 | Last updated on October 17th, 2026

किसी भी खिलाड़ी (Cricketer) के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टीम का कप्तान होना एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है, क्योंकि जब कोई खिलाड़ी किसी भी एक टीम का कप्तान होता है, तो उसे पूरे देश के अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रतिनिधित्व करना पड़ता है। और अगर वह टीम भारतीय टीम है तो हमारे दायित्व और जिम्मेदारियां और भी कहीं अधिक बढ़ जाते हैं, क्योंकि भारत में क्रिकेट को धर्म की तरह पूजा जाता है।
भारतीय कप्तान की भूमिका के साथ-साथ एक कप्तान के लिए और भी ना जाने कितनी बड़ी जिम्मेदारियां सामने आती हैं, और बहुत से लोग तो अपनी इन जिम्मेदारियों को संभालने में भी नाकाम साबित होते हैं। लेकिन इसके विपरीत कुछ खिलाड़ियों द्वारा बेहद शानदार प्रदर्शन भी किया जाता है। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको ऐसे तीन भारतीय खिलाड़ियों के बारे में बताएंगे, जिनके द्वारा बतौर बल्लेबाज हिट होने के बाद भी कप्तानी के बोझ को नहीं संभाला जा सका।
सचिन तेंदुलकर
क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर इस लिस्ट में पहले नंबर पर शामिल हैं, यह मास्टर ब्लास्टर खिलाड़ी बहुत ही महान बल्लेबाज है, लेकिन उसके विपरीत कप्तानी के दौरान इस खिलाड़ी द्वारा कोई कमाल नहीं दिखाया जा सका। शायद इन्हीं कारणों के चलते समय से पहले ही वह अपनी कप्तानी से किनारा काट गए और अपना सारा ध्यान बल्लेबाजी पर ही केंद्रित कर दिया।
सचिन की कप्तानी के दौरान भारत 25 टेस्ट मैच खेलने में कामयाब रहा, जिसमें उसे 4 में सफलता और 9 में हार का सामना करना पड़ा, और इस दौरान 12 मुकाबले ड्रा भी हो गए। वही 73 एकदिवसीय मैचों के दौरान भारत को 23 में जीत और 43 में हार और इसके साथ-साथ एक मैच टाई भी हो गया, जबकि 6 मैचों का परिणाम नहीं आ सका।
हालांकि इसके विपरीत सचिन तेंदुलकर द्वारा बतौर बल्लेबाज अत्यधिक रन बनाते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 शतक लगाने में कामयाब रहे। उनके द्वारा पहली बार वनडे के दौरान दोहरा शतक जमाते हुए 200 टेस्ट मैच खेलने के रिकॉर्ड को अपने नाम किया गया। इस मास्टर ब्लास्टर खिलाड़ी के नाम 200 टेस्ट मैचों के दौरान 15921 रन, वनडे क्रिकेट के दौरान 463 मैचों में 18426 रन, जबकि एकमात्र टी-20 मैच में 10 रन दर्ज हैं। क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के शतक और रनों का रिकॉर्ड जारी है।
राहुल द्रविड़
टीम इंडिया की दीवार कहलाने वाले राहुल द्रविड़ इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर शामिल हैं, जो मौजूदा समय में टीम इंडिया के हेड कोच हैं। द्रविड़ जितने अधिक बेहतर बल्लेबाज है, उसके ठीक विपरीत उनके द्वारा कप्तानी में कुछ खास कमाल नहीं दिखाया जा सका। इन्हीं कारणों के चलते साल 2007 में द्रविड़ के द्वारा अपने कप्तानी पद का त्याग कर दिया गया। द्रविड़ की कप्तानी के दौरान भारत 79 वनडे मुकाबले खेलने में कामयाब रहा,जिसने उसे 42 में जीत और 33 में हार का सामना करना पड़ा।
वही चार मुकाबले के परिणाम नहीं आ सके। अगर टेस्ट मैच की बात की जाए, तो द्रविड़ की कप्तानी के दौरान भारतीय टीम 25 टेस्ट मैच खेलने में कामयाब रही, जिसने भारत को 8 में जीत और 6 में हार का सामना करना पड़ा। वही इस दौरान 11 मुकाबले ड्रा भी हो गए। राहुल द्रविड़ द्वारा भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट के दौरान 164 मैचों में 13288 रन, वही वनडे क्रिकेट के दौरान 344 मैचों में 10889 रन, और एकमात्र टी-20 के दौरान 31 रन बनाए जा सके।
सुनील गावस्कर
टीम इंडिया के लिटिल मास्टर सुनील गावस्कर इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर शामिल हैं। जिनकी बल्लेबाजी के आगे अच्छे से अच्छे बल्लेबाज टिक पाने में नाकाम साबित होते हैं। 70 और 80 के दशक में इस महान बल्लेबाज द्वारा वेस्टइंडीज की टीम के सामने बिना हेलमेट के बल्लेबाजी की जाती थी। इसकी बल्लेबाजी का कायल पूरा क्रिकेट जगत रहा है। हालांकि उसके विपरीत सुनील गावस्कर द्वारा कप्तानी के दौरान कोई कमाल नहीं दिखाया जा सका।
गावस्कर की कप्तानी के द्वारा भारतीय टीम 47 टेस्ट मैच खेली, जिसमें उसे 9 में जीत और 8 में हार का सामना करना पड़ा, जबकि 30 मुकाबले ड्रा भी हो गए, वही 37 वनडे मैचों मैं कप्तानी करते हुए सुनील गावस्कर द्वारा 14 मैचों में भारत को जीत दिलाई गई और 21 में भारत को हार का सामना भी भी करना पड़ा। वहीं दो मुकाबलों के परिणाम भी नहीं आ सके। सुनील गावस्कर द्वारा भारत के लिए 125 टेस्ट मैचों के दौरान 10122 रन बनाए गए। जबकि 108 वनडे मैचों के दौरान 3092 रन बनाने में कामयाब रहे।
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