शर्मनाक हादसा, मुल्तान में इंग्लैंड टीम के होटल के बाहर चली गोलियां, रद्द हो सकता था दूसरा टेस्ट
By Manika Paliwal On December 10th, 2022 | Last updated on October 17th, 2026

17 साल के बाद इंग्लैंड की टीम पाकिस्तान की जमीन पर तीन मैचों की टेस्ट सीरीज खेलने गई है। जहां रावलपिंडी टेस्ट जीतकर इंग्लैंड ने सीरीज में 1-0 से अपनी बढ़त बनाई है। तो वही दूसरा मुकाबला खेलने के लिए इंग्लैंड मुल्तान पहुंची। लेकिन इससे पहले कुछ ऐसी खबर सामने आई है जो इंग्लैंड टीम के उस डर को और ज्यादा पुख्ता बनाती है। जिसके कारण उन्होंने पिछले साल पाकिस्तान का दौरा रद्द कर दिया था। एक बार फिर से इंग्लैंड की टीम अपने देश रवाना हो सकती हैं तो आखिर क्या है पूरा मामला चली आपको बताते हैं।
टीम के होटल के पास चली गोलियां
दरअसल मुल्तान में जहां पर इंग्लैंड की टीम ठहरी हुई है वहां से करीब 1 किलोमीटर की दूरी पर गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी है मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह वाक्या हुआ है और वहां से उस होटल की दूरी केवल 1 किलोमीटर की दूरी पर है। इंग्लैंड की टीम को दूसरा मैच खेलने के लिए आया हुआ है। हालाकिं जगह से थोड़ी ही दूर होने की वजह से टीम के खिलाड़ियों को किसी भी प्रकार का कोई खतरा नहीं हुआ है।
2009 में श्रीलंका के खिलाड़ियों पर चली थी गोलियां
पहली बार नहीं है जब ऐसा कुछ हुआ हो इससे पहले साल 2009 में श्रीलंका पाकिस्तान दौरे पर आई थी और श्रीलंका की टीम का राज्य के मैदान में अभ्यास कर रही थी। उसी दौरान आतंकवादियों ने उन पर हमला कर दिया था। जिसमें श्रीलंका के दिग्गज खिलाड़ी घायल हो गए थे जिसके बाद आईसीसी ने पाकिस्तान में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पर बैन लगाया था।
लेकिन पिछले कुछ सालों में वहां पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट फिर से होने लगा। लेकिन पिछले साल न्यूजीलैंड की टीम अपना दौरा पूरे किए बिना ही सुरक्षा कारणों की वजह से देश वापस लौट गई थी और एक बार फिर से इंग्लैंड के खिलाड़ियों के साथ इस तरीके की वारदात हुई है।
पाकिस्तान पुलिस ने की कार्यवाही
पाकिस्तान पुलिस ने कार्यवाही करते हुए इस मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। इंडिपेंडेंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक एयर फायरिंग दो गुटों के बीच में हुई थी। यह घटना तब घटी जब इंग्लैंड की टीम प्रैक्टिस के लिए निकल रही थी। इस घटना से टीम के प्रैक्टिस पर कोई भी असर नहीं पड़ा है इससे पहले इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच सीरीज उस समय भी चर्चा में आई थी। जब रावलपिंडी टेस्ट से ठीक 1 दिन पहले इंग्लैंड के 14 सदस्य बीमार पड़े थे।