ऐसे 3 मौके जब NO – BALL के कारण इन भारतीयों का टूटा दिल, गवां बैठे ICC Trophy

By Sangeeta Tiwari On January 9th, 2023 | Last updated on October 17th, 2026

ऐसे तीन मौके जब NO - BALL के कारण इन भारतीयों का टूटा दिल, गवां बैठे ICC Trophy

क्रिकेट के इस फॉर्मेट में नो बॉल फेंकना एक भयंकर गुनाह माना जाता है। विशेष रूप से उस समय जब दांव पर ICC Trophy लगी हो। विपक्षी टीम के सभी प्रारूपों को यह अतिरिक्त रनों के साथ-साथ सीमित ओवरों के खेल में महत्वपूर्ण फ्री हिट भी प्रदान करता है। बीते गुरुवार श्रीलंका के खिलाफ खेले गए मुकाबले के दौरान भारतीय टीम की तरफ से 7 नो बॉल फेंकी गई थी।

जिसमें से पांच बॉल अर्शदीप ने डाली थी। जिसके चलते भारत को हार का सामना करना पड़ा, जिसका दोष कहीं ना कहीं नो बॉल को ठहराया गया था। इससे पहले भी कई अहम मौकों के दौरान भारत नो बॉल के चलते हार का सामना कर चुका है। इस आर्टिकल के जरिए हम आपको नो बॉल के कारण आईसीसी टूर्नामेंट में भारतीय टीम को मिली तीन बड़ी हार के बारे में बताएंगे।

अश्विन की नो बॉल से टूटा T20 वर्ल्ड कप का सपना

T20 वर्ल्ड कप 2016 के सेमीफाइनल मुकाबले के दौरान भारतीय टीम को वेस्टइंडीज से हार का सामना करना पड़ा। विराट कोहली की कप्तानी वाली भारतीय टीम इस मुकाबले के दौरान विराट कोहली के नाबाद 89 रनों की सहायता से 192 रन बोर्ड पर लगा बैठी। जिसमें रोहित शर्मा और अजिंक्य रहाणे ने भी योगदान निभाया।

इस बड़े लक्ष्य का बचाव करते हुए भारतीय टीम की जीत को निश्चित माना जा रहा था। लेकिन लेंडल सीमन्स द्वारा धुआंधार पारी से वेस्टइंडीज को जीत दिलाई गई। वह 51 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 82 रन बनाने में कामयाब रहे। गौरतलब है पारी के 7 ओवर के दौरान रविचंद्रन अश्विन द्वारा उन्हें कैच आउट दिया गया, लेकिन वह नो बॉल बन गई थी।

चैंपियन ट्रॉफी 2017 में जसप्रीत बुमराह की नो बॉल साबित हुई काल

साल 2017 में चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ मिली हार को लेकर आज भी भारतीय टीम के फैंस खूब परेशान होते हैं। इस टूर्नामेंट में लीग स्टेज एक दौरान भारत द्वारा पाकिस्तान को एकतरफा मात दी गई। वही फिर एक बार फाइनल में पड़ोसियों से सामना होने के बाद अंदाजा लगाया जाने लगा, कि अब भारत को ट्रॉफी जीतने से रोकने वाला तो कोई नहीं है।

हालांकि ऐसा मुमकिन नहीं हो सका, इस मुकाबले में भारतीय कप्तान विराट कोहली द्वारा टॉस जीतने के बाद पहले गेंदबाजी चुनी गई, वही सलामी बल्लेबाज फखर ज़मान को जसप्रीत बुमराह द्वारा चौथे ही ओवर में विकेटकीपर के हाथों कैच आउट कराया गया। हालांकि यह गेंद नो बॉल साबित हुई और फखर शतक जड़ते हुए पाक टीम को 338 के स्कोर तक ले गए। जिसके जवाब में भारतीय टीम की पारी लड़खड़ा गई और भारत के हाथों से ट्रॉफी छूट गई।

दीप्ति शर्मा की नो – बॉल से गवाया वर्ल्ड कप

भारतीय महिला टीम का पिछले कुछ आईसीसी टूर्नामेंट के दौरान बेहतरीन प्रदर्शन रहा है। वे 2017 वर्ल्ड कप और 2020 T20 वर्ल्ड कप दोनों में उपविजेता रहे हैं। 2022 संस्करण के दौरान भी वुमेन इन ब्लू से काफी आशाएं लगाई जा रही थी। लेकिन टीम दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एक महत्वपूर्ण मैच गंवा बैठी, जिसके चलते लीग चरण के अंत में उन्हें टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा।

स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, मिताली राज और हरमनप्रीत कौर जैसे प्रमुख बल्लेबाजों के साथ भारतीय टीम का बोर्ड पर कुल 274 रन बनाने में बेहतरीन प्रदर्शन रहा।

वहीं 2 गेंदों पर तीन की आवश्यकता के साथ अनुभवी मिग्रान डु प्रीज द्वारा लॉन्ग ऑन बाउंड्री की गेंद को वाइड करने की कोशिश की गई। लेकिन दीप्ति शर्मा की गेंद हरमनप्रीत कौर के हाथों आ गई। जैसे ही टीम विकेट का जश्न मनाना शुरू करती है। अंपायरों द्वारा इसे नो बॉल का रूप दिया गया। दोनों बल्लेबाजों इस्माइल और प्रीज द्वारा दक्षिण अफ्रीका के लिए खेल को सील करने के बाद की गेंदों पर सिंगल लिया गया।

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