ना 183, ना 133… 38वें जन्मदिन पर विराट कोहली ने चुनी अपनी सबसे पसंदीदा ODI पारी, सिर्फ 43 रन में छिपी है खास कहानी
By Pavan Kumar On November 5th, 2026

विराट कोहली के वनडे करियर में ऐसी कई पारियां हैं, जिन्हें क्रिकेट फैंस कभी नहीं भूल सकते। पाकिस्तान के खिलाफ 183 रन हों या श्रीलंका के खिलाफ होबार्ट में खेली गई नाबाद 133 रन की पारी, उनके खाते में यादगार शतकों की लंबी फेहरिस्त है। लेकिन जब 5 नवंबर को अपने 38वें जन्मदिन पर उनसे करियर की सबसे पसंदीदा वनडे पारी चुनने को कहा गया, तो उन्होंने ऐसा नाम चुना जिसकी शायद ही किसी ने उम्मीद की होगी। कोहली ने अपनी सबसे खास पारी के तौर पर इंग्लैंड के खिलाफ 2013 चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में बनाए गए 43 रन को चुना।
स्टार स्पोर्ट्स के खास वीडियो में चुनी अपनी पसंदीदा पारी
कोहली के जन्मदिन पर स्टार स्पोर्ट्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक खास वीडियो साझा किया। इसमें उन्हें अपने करियर की यादगार पारियों में से एक चुनने के लिए दो-दो विकल्प दिए गए। इस चुनौती में उनकी कई बड़ी पारियां शामिल थीं, लेकिन कोहली ने शुरुआत में ही अपने फैंस को चौंका दिया।
पहले मुकाबले में उनके सामने श्रीलंका के खिलाफ 2012 में होबार्ट में खेली गई नाबाद 133 रन की पारी और 2011 विश्व कप फाइनल में बनाए गए 35 रन थे। कोहली ने शतक के बजाय विश्व कप फाइनल की पारी को चुना। उन्होंने आगे भी 2023 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 85 रन, इंग्लैंड के खिलाफ 2017 में 122 रन और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2018 में 160 रन जैसी पारियों पर उस 35 रन वाली पारी को तरजीह दी।
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2011 विश्व कप फाइनल के 35 रन क्यों थे इतने खास?
मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में भारत 275 रन के लक्ष्य का पीछा कर रहा था। सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग के जल्दी आउट होने के बाद टीम का स्कोर 31 रन पर दो विकेट था। ऐसे दबाव में कोहली ने गौतम गंभीर के साथ तीसरे विकेट के लिए 83 रन जोड़े। कोहली 35 रन बनाकर आउट हुए, जबकि गंभीर ने 97 रन की अहम पारी खेली। आखिरकार महेंद्र सिंह धोनी की नाबाद 91 रन की पारी की मदद से भारत ने 28 साल बाद विश्व कप जीता।
43 रन की पारी ने शतकों को भी छोड़ दिया पीछे
हालांकि, चुनौती के आखिरी दौर में कोहली ने अपनी पसंद बदली। जब उनके सामने 2011 फाइनल के 35 रन और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल के 43 रन रखे गए, तो उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई पारी को चुना।
बर्मिंघम में बारिश से प्रभावित 20 ओवर के फाइनल में भारत ने 129 रन बनाए थे। कोहली ने 34 गेंदों पर 43 रन बनाए, जिसमें चार चौके और एक छक्का शामिल था। भारत ने इंग्लैंड को पांच रन से हराकर खिताब जीता। इस चुनौती में कोहली ने पाकिस्तान के खिलाफ 183 रन और 2015 विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ 107 रन जैसी यादगार पारियों को भी पीछे छोड़ दिया।
यानी 38वें जन्मदिन पर कोहली की पसंद ने एक बात साफ कर दी—उनके लिए किसी पारी की अहमियत सिर्फ बनाए गए रनों से तय नहीं होती, बल्कि उस मैच का दबाव और टीम की जीत में उसका योगदान भी उतना ही मायने रखता है।
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— Star Sports (@StarSportsIndia) November 5, 2026