Tiger Shroff Firing Case: महज 34 हजार रुपये और विदेश में नौकरी का लालच! आरोपियों को लेकर जांच में चौंकाने वाले दावे

By Bharat Ka sach On October 20th, 2026

बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े कथित फायरिंग मामले में जांच के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आने का दावा किया जा रहा है। जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, तीन आरोपियों को कथित तौर पर 34 हजार रुपये देने और विदेश में नौकरी दिलाने का लालच दिया गया था। मामले में अनिल पंडित नाम के व्यक्ति की भूमिका भी जांच के दायरे में है। उसके कैलिफ़ोर्निया में रहकर कथित नेटवर्क संचालित करने का संदेह जताया गया है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।

तीन आरोपियों से पूछताछ, मुंबई ले जाने की तैयारी

मामले में पकड़े गए तीनों आरोपी राजस्थान के कोटा स्थित रेलवे कॉलोनी पुलिस स्टेशन में मुंबई पुलिस की हिरासत में बताए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने उनसे रातभर कई चरणों में पूछताछ की। जांचकर्ताओं का ध्यान इस बात पर है कि कथित साजिश किसने रची, हथियार कहां से आए और आरोपियों को निर्देश कौन दे रहा था।

20 अक्टूबर की सुबह तीनों को सड़क मार्ग से मुंबई ले जाने की तैयारी की जानकारी भी सामने आई। वहां आगे की पूछताछ में कथित साजिश से जुड़ी कड़ियों की पड़ताल की जानी है।

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34 हजार रुपये का ऑफर, ऑनलाइन ट्रांसफर से जुड़े सवाल

जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि आरोपियों को कथित वारदात के बदले 34 हजार रुपये देने की बात कही गई थी। इसके अलावा विदेश में नौकरी का लालच दिए जाने की भी जानकारी सामने आई है।

अनिल पंडित पर पैसों और हथियारों की व्यवस्था कराने का संदेह है। बताया जा रहा है कि आरोपी उससे आमने-सामने मिलने के बजाय जांगी ऐप के जरिए संपर्क में रहते थे। आरोप है कि मुंबई में रहने के दौरान उनके खर्च के लिए ऑनलाइन रकम भेजी जाती थी। भुगतान के लिए कथित तौर पर स्थानीय लोगों के क्यूआर कोड का इस्तेमाल भी किया गया। पुलिस इन दावों और संभावित वित्तीय लेन-देन की जांच कर सकती है।

कथित घटना के बाद बदला हुलिया

सूत्रों के मुताबिक, कथित वारदात के बाद आरोपी अंधेरी रेलवे स्टेशन पहुंचे और लोकल ट्रेन से कुछ स्टेशन आगे गए। इसके बाद उन्होंने ऑनलाइन टैक्सी बुक की और सूरत की ओर रवाना हुए। आगे की यात्रा के दौरान ट्रेन से जाने और रास्ते में बाल कटवाकर कपड़े बदलने की बात भी सामने आई है।

कोटा में पकड़े जाने के समय उनका हुलिया बदला हुआ बताया गया। आरोपियों के पास से हथियार बरामद होने की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए हथियार कहां हैं। ऋतिक नाम के एक आरोपी द्वारा चोरी की मोटरसाइकिल की व्यवस्था किए जाने का दावा भी जांच के दायरे में है।

हथियारों की सप्लाई और दूसरे हमले से संभावित संबंध

सूत्रों के अनुसार, हथियारों को किसी सुनसान जगह पर छिपाकर रखने और आरोपियों को लोकेशन भेजने की आशंका की जांच की जा रही है। कथित तौर पर इंदौर और मुंबई में मौजूद संपर्कों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। बातचीत के लिए इस्तेमाल किए गए ऐप और सिम कार्ड से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल हो सकती है।

जांच में रेहान और फूल सिंह नाम के आरोपियों का अमृतसर में एक कारोबारी पर कथित हमले से संबंध होने का दावा भी सामने आया है। पुलिस दोनों मामलों के बीच संभावित कड़ियों की जांच कर सकती है।

फिलहाल, मामले में कथित हैंडलर, हथियारों की आपूर्ति और पैसों के स्रोत को लेकर जांच जारी है। इन जानकारियों को अभी आरोप और शुरुआती दावों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। आरोपियों की भूमिका और कथित साजिश की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने तथा आधिकारिक तथ्यों के सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।

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