मास्को में गूंजेगी रामकथा, रूसी कलाकार बनेंगे राम-सीता; चांदनी चौक से पहुंचे खास परिधान
By Editor On October 19th, 2026

भगवान श्रीराम की अयोध्या वापसी की खुशी में मनाया जाने वाला दीपोत्सव अब भारतीय सीमाओं से परे भी अपनी सांस्कृतिक छाप छोड़ रहा है। रूस की राजधानी मास्को में रामलीला के मंचन की तैयारियां चल रही हैं। इस प्रस्तुति में 16 रूसी कलाकार रामायण के विभिन्न पात्रों की भूमिका निभाएंगे। आयोजन की खास बात यह है कि कलाकारों के लिए पारंपरिक भारतीय वेशभूषा दिल्ली के चांदनी चौक से खरीदी गई है, जिसे रूस ले जाया गया है।
मास्को में रामकथा को मंच पर उतारेंगे रूसी कलाकार
रामलीला के निर्माता और निर्देशक डॉ. रामेश्वर सिंह के मुताबिक, योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद अयोध्या के दीपोत्सव और रामलीला आयोजनों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक पहचान मिली है। उनके अनुसार, रूसी कलाकारों की भागीदारी भारत और रूस के बीच सांस्कृतिक संबंधों को आगे बढ़ाने का अवसर है।
रामायण भारतीय परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जब विदेशी कलाकार इसके पात्रों को अपने अभिनय से जीवंत करते हैं, तो कथा को नई भाषाओं और संस्कृतियों के दर्शकों तक पहुंचने का मौका मिलता है।
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2018 में अयोध्या से शुरू हुआ सफर
रूसी कलाकारों की ‘दिशा रामलीला’ का अयोध्या से जुड़ाव नवंबर 2018 में शुरू हुआ था। उस दौरान कलाकारों ने अयोध्या में पहली प्रस्तुति दी। इसके बाद जनवरी 2019 में प्रयागराज कुंभ मेले में भी रामलीला का मंचन किया गया।
अयोध्या के दीपोत्सव से जुड़े आयोजनों में भी इस रामलीला की भागीदारी रही है। अब मास्को में प्रस्तावित प्रस्तुति इस सांस्कृतिक यात्रा का अगला पड़ाव है।
कौन निभाएगा किसका किरदार?
मास्को में होने वाली रामलीला में अलेक्सी भगवान श्रीराम, दाशा माता सीता, ओलेग लक्ष्मण और दमित्री हनुमान की भूमिका निभाएंगे। एवजेनी भरत और सर्गेई रावण के किरदार में नजर आएंगे।
अन्य कलाकारों में आरतियों राजा दशरथ, रति माता कौशल्या, नतालया सुमित्रा, इरीना कैकेयी और वसीली राजा जनक की भूमिका निभाएंगे। रीता सोने के हिरण का किरदार निभाएंगी। राक्षस और वानर सेना के पात्र भी प्रस्तुति का हिस्सा होंगे।
‘रूसी राम’ की विरासत
‘दिशा रामलीला’ महान रंगकर्मी गेन्नादी मिखाइलोविच पेचनिकोव की विरासत से भी जुड़ी है, जिन्हें ‘रूसी राम’ कहा जाता था। रामलीला के जरिए भारतीय संस्कृति से उनका जुड़ाव इस परंपरा की खास पहचान बना।
मास्को में होने वाला मंचन इसी सांस्कृतिक आदान-प्रदान को आगे बढ़ाने की कोशिश है, जहां रूसी कलाकार भारतीय वेशभूषा में रामायण की कथा प्रस्तुत करेंगे।