यशस्वी जायसवाल: पहली पारी में 4 गेंद पर OUT, दूसरी में जड़ दिए नाबाद 155 रन! एक छोटे से बदलाव ने पलट दी पूरी कहानी

By Pavan Kumar On November 3rd, 2026

यशस्वी जायसवाल: पहली पारी में 4 गेंद पर OUT, दूसरी में जड़ दिए नाबाद 155 रन! एक छोटे से बदलाव ने पलट दी पूरी कहानी

भारतीय युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने न्यूजीलैंड दौरे पर अपनी बल्लेबाजी से सबका ध्यान खींच लिया है। भारत ए और न्यूजीलैंड ए के बीच खेले गए दूसरे अनौपचारिक टेस्ट में उनका प्रदर्शन किसी उतार-चढ़ाव भरी कहानी से कम नहीं रहा। पहली पारी में वह महज चार गेंद खेलकर बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए, लेकिन दूसरी पारी में उसी बल्लेबाज ने नाबाद 155 रन ठोक दिए। खास बात यह रही कि जायसवाल ने अपनी बल्लेबाजी में एक छोटा-सा तकनीकी बदलाव किया और उसका असर मैदान पर साफ दिखाई दिया।

पहली पारी में खाता खोलना भी हुआ मुश्किल

क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल में खेले गए इस मुकाबले की पहली पारी में जायसवाल से बड़ी पारी की उम्मीद थी। हालांकि, वह चार गेंदों का सामना करने के बाद एलबीडब्ल्यू आउट हो गए। इससे पहले सीरीज के पहले अनौपचारिक टेस्ट की दोनों पारियों में भी उनका प्रदर्शन खास नहीं रहा था। उन्होंने 17 और 5 रन बनाए थे।

लगातार कम स्कोर के बाद उनकी फॉर्म पर सवाल उठना स्वाभाविक था। लेकिन दूसरी पारी में उन्होंने जिस अंदाज में वापसी की, उसने उन सवालों का जवाब दे दिया।

यह भी पढ़ें: IND vs NZ: ईडन पार्क में टीम इंडिया का इंतजार कर रही बड़ी चुनौती! बुमराह के बिना गिल की बढ़ेगी टेंशन, कीवी बल्लेबाज कर सकते हैं बड़ा खेल

एक छोटा तकनीकी बदलाव और फिर बरसे रन

दूसरी पारी में जायसवाल ने 162 गेंदों पर नाबाद 155 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 15 चौके और पांच छक्के निकले। उन्होंने यश राठौड़ के साथ तीसरे विकेट के लिए नाबाद 247 रनों की साझेदारी भी की।

मैच के बाद जायसवाल ने अपनी बल्लेबाजी में किए बदलाव के बारे में बताया। उनके मुताबिक, पहली पारी में उनका शुरुआती मूवमेंट पीछे की तरफ जा रहा था। दूसरी पारी में उन्होंने गेंद के करीब रहने और शरीर के पास से शॉट खेलने पर ध्यान दिया। साथ ही, उन्होंने खराब गेंदों को छोड़ने के बजाय उनका फायदा उठाने की कोशिश की।

न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में आसान नहीं थी बल्लेबाजी

जायसवाल ने बताया कि न्यूजीलैंड की ठंड और नई गेंद का सीम मूवमेंट बल्लेबाजों के लिए चुनौती पैदा करता है। यहां गेंदबाज सही लाइन और लेंथ पर लगातार गेंदबाजी करते हैं, इसलिए शुरुआत में धैर्य रखना जरूरी होता है।

उन्होंने यह भी समझाया कि गेंद पुरानी होने और पिच के बेहतर होने पर बल्लेबाजों को अपने शॉट खेलने के ज्यादा मौके मिलने लगते हैं। उनके लिए अभ्यास, अनुशासन और अपनी प्रक्रिया पर भरोसा बनाए रखना अहम है।

भारत ए ने दूसरी पारी में दो विकेट पर 282 रन बनाकर पारी घोषित की और मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ। जायसवाल की नाबाद 155 रनों की पारी उनके आत्मविश्वास के लिहाज से अहम रही।

 

यह भी पढ़ें: रणजी ट्रॉफी में हर्ष दुबे का तूफान! 53 रन देकर उड़ाए 9 विकेट, मध्य प्रदेश के बल्लेबाज देखते रह गए; विदर्भ के लिए रचा इतिहास