IND vs NZ 5th T20I: 191 रन बनाकर भी हारी टीम इंडिया, श्रेयस अय्यर ने बताया कहां हुई सबसे बड़ी चूक; फील्डिंग पर उठाए सवाल

By Pavan Kumar On November 1st, 2026

IND vs NZ: न्यूजीलैंड के खिलाफ पांचवें टी20 मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 191 रन बनाए, लेकिन यह स्कोर जीत के लिए काफी साबित नहीं हुआ। हैमिल्टन में खेले गए सीरीज के आखिरी मैच में मेजबान टीम ने टिम सीफर्ट और ग्लेन फिलिप्स की शानदार पारियों के दम पर भारत को 7 विकेट से हरा दिया। न्यूजीलैंड ने 192 रन का लक्ष्य महज 18 ओवर में हासिल कर लिया। इस हार के बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने बल्लेबाजी के बजाय गेंदबाजी और फील्डिंग को हार की बड़ी वजह बताया।

हालांकि, इस नतीजे से सीरीज पर भारत की पकड़ कमजोर नहीं हुई। टीम इंडिया ने शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर पहले ही सीरीज अपने नाम कर ली थी। पांचवें मैच में हार के बावजूद भारत ने टी20 सीरीज 3-2 से जीती।

श्रेयस अय्यर ने माना, 194 रन का स्कोर ठीक था

मैच के बाद ब्रॉडकास्टर से बातचीत में श्रेयस अय्यर ने माना कि पिच पर बल्लेबाजी करना आसान नहीं था। उनके मुताबिक, भारतीय टीम ने बीच के ओवरों में अच्छी स्थिति बना ली थी, लेकिन लगातार विकेट गिरने से बड़ा स्कोर खड़ा करने का मौका हाथ से निकल गया।

श्रेयस ने कहा, “मुकाबला काफी करीबी था। मिडिल ओवरों में हमें जैसी शुरुआत मिली थी, उसे देखते हुए हम और बेहतर कर सकते थे। वहां से हमने लगातार विकेट गंवा दिए। बल्लेबाजी के लिए यह विकेट आसान नहीं था। हार्ड लेंथ पर खेलना चुनौतीपूर्ण था। मुझे लगता है कि 194 का स्कोर ठीक-ठाक था।”

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गेंदबाजी और फील्डिंग को बताया हार की वजह

भारतीय कप्तान ने अपनी टीम की गेंदबाजी और मैदान पर प्रदर्शन को लेकर भी निराशा जाहिर की। उनका मानना था कि अगर इन दोनों विभागों में टीम बेहतर प्रदर्शन करती तो मुकाबले का परिणाम बदल सकता था।

उन्होंने साफ कहा, “हमारी गेंदबाजी और फील्डिंग और बेहतर हो सकती थी, जो कि काफी खराब रही। यह सीखने का एक शानदार अनुभव रहा।” श्रेयस ने यह भी बताया कि शुरुआती तीन मैचों में मिली जीत के बाद टीम आखिरी दो मुकाबलों में कुछ नए प्रयोग करना चाहती थी और खिलाड़ियों को चुनौती देना चाहती थी।

विदेशी परिस्थितियों में फील्डिंग बनी चुनौती

श्रेयस ने विदेशी मैदानों पर खेलने की मुश्किलों का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, न्यूजीलैंड की परिस्थितियां भारत से अलग थीं। तेज रोशनी और साफ आसमान जैसी स्थितियों में गेंद को पकड़ना आसान नहीं होता। हालांकि, उन्होंने इसे बहाना नहीं बनाया और माना कि टीम को अपनी फील्डिंग पर काम करने की जरूरत है।

भारतीय टीम के लिए यह सीरीज जीत के साथ कुछ कमियों को पहचानने का मौका भी रही। लगातार तीन जीत के बाद आखिरी दो मैचों में मिली हार ने साफ कर दिया कि सिर्फ बल्लेबाजी में दम दिखाना काफी नहीं है। गेंदबाजों और फील्डरों को भी बड़े मुकाबलों में जिम्मेदारी उठानी होगी।

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