9 चौके, 11 छक्के और सिर्फ 35 गेंदों में शतक! अभिषेक शर्मा ने प्लेयर ऑफ द मैच बनकर खोला राज, इस दिग्गज को दिया अपनी तूफानी पारी का श्रेय
By Pavan Kumar On October 27th, 2026

भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीसरे टी20 मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने ऐसी बल्लेबाजी की कि कीवी गेंदबाजों के पास उन्हें रोकने का कोई जवाब नहीं दिखा। महज 35 गेंदों में शतक और 113 रनों की विस्फोटक पारी! अभिषेक ने अपनी इस पारी में 9 चौके और 11 छक्के लगाए। उनकी आतिशी बल्लेबाजी के दम पर भारत ने 199 रनों का लक्ष्य महज 13.2 ओवर में हासिल कर लिया। शानदार प्रदर्शन के लिए अभिषेक को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। पुरस्कार लेने के बाद उन्होंने अपनी पारी की रणनीति, कोचिंग स्टाफ की तैयारी और अपने गुरु युवराज सिंह को लेकर भी दिलचस्प बातें कहीं।
वैभव सूर्यवंशी की शुरुआत ने आसान कर दिया काम
मैच के बाद अभिषेक ने बताया कि उनकी और वैभव सूर्यवंशी की रणनीति ज्यादा जटिल नहीं थी। दोनों का इरादा पिच पर कुछ समय बिताने, खेल का आनंद लेने और पावरप्ले का पूरा फायदा उठाने का था।
अभिषेक के मुताबिक, फील्डिंग के दौरान उन्होंने पिच के अतिरिक्त उछाल को समझने की कोशिश की थी। मैदान के आकार को देखते हुए उन्हें लगा कि शुरुआती ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी की जा सकती है। उन्होंने वैभव की तारीफ करते हुए कहा कि जिस तरह से वैभव ने पहले ओवर में शुरुआत की, वह शानदार था। इससे भारतीय टीम को जरूरी गति और लय मिल गई।
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कोचिंग स्टाफ की मेहनत का मिला फायदा
अभिषेक ने अपनी विस्फोटक पारी का श्रेय पर्दे के पीछे हुई तैयारी को भी दिया। उन्होंने कोचिंग स्टाफ का विशेष रूप से जिक्र किया और बताया कि साइडआर्म से अभ्यास करने का उन्हें काफी फायदा मिला।
उनके अनुसार, बल्लेबाजी सिर्फ मैदान पर जाकर बड़े शॉट खेलने का नाम नहीं है। पिच, मैदान का आकार और सामने मौजूद गेंदबाज की शैली को समझना भी उतना ही जरूरी है। अभिषेक ने बताया कि पिछले दिन का अभ्यास सत्र अच्छा रहा था और वह मैच में उसी तैयारी का फायदा उठाना चाहते थे। उन्होंने अपनी पारी की कल्पना पहले ही कर ली थी और मैदान पर चीजें उसी तरह होती चली गईं।
युवराज सिंह की बात पर अभिषेक ने क्या कहा?
अभिषेक के गुरु युवराज सिंह ने सोशल मीडिया पर मजाकिया अंदाज में कहा था कि वह अब भी 12 गेंदों में अर्धशतक नहीं बना सकते। इस पर अभिषेक ने अपने गुरु की तारीफ करते हुए कहा कि 12 गेंदों में 50 रन बनाना बिल्कुल आसान नहीं है। ऐसा हर बार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने यह भी साफ किया कि बल्लेबाजों का लक्ष्य व्यक्तिगत रिकॉर्ड बनाना नहीं, बल्कि टीम को जीत दिलाना होना चाहिए। अभिषेक के मुताबिक, वैभव की सोच भी यही है और दोनों पूरी सीरीज में इसी मानसिकता के साथ खेलना चाहते हैं। तीसरे टी20 में उनकी साझेदारी और आक्रामक बल्लेबाजी ने इस रणनीति को शानदार तरीके से सफल कर दिया।