वीरेंद्र सहवाग के डूबते करियर को मिला कुंबले का सहारा, जानिए कैसे कुंबले के सहारे चली सहवाग की नांव!
वीरेंद्र सहवाग के डूबते करियर को मिला कुंबले का सहारा, जानिए कैसे कुंबले के सहारे चली सहवाग की नांव!

भारत के लिए टेस्ट मैच में दो बार तिहरा शतक लगाने वाले पूर्व खिलाड़ी वीरेंद्र सहवाग फिलहाल क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले चुके हैं और वह इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी ज्यादा एक्टिव रहते हैं। सहवाग को सोशल मीडिया पर बेबाकी से बयान देने के लिए भी जाना जाता है।

लेकिन क्या आप इस बात को जानते हैं कि टीम इंडिया के पूर्व ओपनर बल्लेबाज का एक समय करियर खत्म होने वाला था। लेकिन टीम इंडिया के खिलाड़ी ने उन्हें बचा लिया। जी हां आपको बता दें कि वीरेंद्र ने इस बात को खुद स्वीकार किया है। अगर ये खिलाड़ी नहीं होता तो शायद उनका करियर साल 2007 में ही खत्म हो जाता।

साल 2007 में ही खत्म हो जाता सहवाग का करियर

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जानकारी के लिए आपको बता दें कि वीरेंद्र सहवाग को साल 2007 में भारतीय टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। उस समय सहवाग बेहद खराब फॉर्म से जूझ रहे थे। जिसकी वजह से उनको सालभर टीम से बाहर रहना पड़ा। हालांकि टीम में सहवाग की वापसी साल 2008 में अनिल कुंबले ने कराई थी। वीरेंद्र सहवाग ने उस दौर के बारे में बात करते हुए बताया कि मुझे अचानक पता चला कि भारतीय टीम का सदस्य नहीं रहा हूं। इसी के साथ उन्होंने आगे बढ़ाते हुए अपनी बात को कहा कि साल 2007 में अचानक मुझे पता चला था कि मैं टीम का हिस्सा नहीं हूं। अगर मुझे उस 1 साल के लिए ड्रॉप नहीं किया गया होता, तो आज मेरे भी टेस्ट क्रिकेट में 10000 रन पूरे हो चुके होते।

कुंबले ने दिया जीवन दान

sehwag and kumble
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सहवाग इस बात को मानते हैं और वह इस बात को स्वीकार कर चुके हैं कि साल 2007 में टीम इंडिया के तत्कालीन कप्तान अनिल कुंबले ने उनके खत्म होते हुए टेस्ट करियर को बचा लिया था। साल 2007 और 2008 में ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर तीसरा टेस्ट मैच पर्थ में खेला जाने वाला था। हालांकि सहवाग से पहले टीम इंडिया के अंदर आ गई थी, जहां प्रैक्टिस मैच खेला जाना था।

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सहवाग ने लगाया था शतक

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सहवाग ने इस बात को भी बताया कि उस प्रैक्टिस मैच से पहले तत्कालीन कप्तान अनिल कुंबले ने उनसे कहा था कि तुम इस मैच में अर्धशतक लगाओ। जिसके बाद तुम्हारा टीम के लिए चयन किया जाएगा। सहवाग ने प्रैक्टिस मैच में लंच ब्रेक से पहले ही शतक लगा दिया था, जिसके बाद उन्हें टीम में शामिल किया गया। सहवाग ने इसके साथ ही ये भी बताया कि अनिल कुंबले ने मुझसे वादा किया था कि जब मैं जब तक टेस्ट कप्तान हूं, तब तक तुम टेस्ट टीम से बाहर नहीं जाओगे।

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