इंडिया के मशहूर सिंगर और जबरदस्त रैपर हनी सिंह ने अपना 39वां जन्मदिन जन्मदिन मनाया है। बता दें कि हनी सिंह का जन्म 15 मार्च 1983 को पंजाब के शहर होशियारपुर में हुआ था। इसी के साथ आपको बता दें भारत में रैप म्यूजिक की शुरुआत हनी सिंह ने ही की थी। वहीं हनी सिंह ने कई हिट पार्टी सॉन्ग्स भी गाए हैं। अपने शानदार गानों की वजह से कम समय में ही हनी सिंह ने काफी फेम कमा लिया था। मगर उनके भी जीवन में एक समय ऐसा आया जब वह एंटरटेनमेंट की दुनिया से एक दम गायब हो गए। तो चलिए आपको भी बताते है, हनी सिंह के करियर की डाउन फॉल की कहानी…

हनी सिंह का रीयल नाम हिरदेश सिंह

आपको बताते चले हनी सिंह का असली नाम हिरदेश सिंह है। उन्होंने यूनाइटेड किंगडम के ट्रिनिटी स्कूल से म्यूजिक की पढ़ाई पूरी की है। जिसके बाद उन्होंने इंडिया वापस आकर दिल्ली में रैपिंग शुरू की।

‘यो यो हनी सिंह’ रैप का हिस्सा

काफी कम समय में हनी सिंह यूथ के बीच काफी पॉपुलर हो गए थे। वहीं लाखों लोग उनकी रैप के बेहद दीवाने हो गए। इसी दौरान हनी सिंह ने दिलजीत दोसांझ के साथ मिलकर ‘लक 28 कुड़ी दा’ गाना गाया था, जोकि ‘BBC एशियन डाउनलोड चार्ट’ 2011 की लिस्ट में नंबर.1 पर था। इसके बाद उन्होंने अपने करियर में एक से बढ़कर एक कई हिट गाने दिए। वहीं उनके हर गानों में ‘यो यो हनी सिंह’ रैप का जरूर सुनने को मिलता था।

हनी को इंग्लिश में गाना पसंद नहीं

मशहूर रैपर होने के बावजूद भी हनी सिंह को इंग्लिश में गाना बिल्कुल पसंद नहीं है। हनी सिंह हमेशा ही पंजाबी या हिंदी में गाना पंसद करते हैं। वहीं उन्होंने शाहरुख खान और सैफ अली खान जैसे मशहूर अभिनेताओं के गानों में भी अपनी आवाज दी है।

ड्रग और ऐल्कोहॉल के आदी हैं हनी सिंह

हालांकि, हनी सिंह अपने फेम के फेज को ज्यादा समय तक इंजॉय नहीं कर पाए। जिसके कुछ समय बाद ही सिंगर एंटरटेनमेंट की दुनिया से अचानक से गायब हो गए। बता दें कि कुछ साल पहले हनी सिंह के रिहैब सेंटर में इलाज कराने की खबरें सामने आई थीं। कहा जा रहा था कि हनी सिंह अपनी ड्रग और ऐल्कोहॉल की लत के कारण रिहैब में एडमिट हुए थे। जिसका बाद में खुद हनी सिंह खुलासा करते हुए गलत बताया था।

बाइपोलर डिसऑर्डर से जूझ रहे थे हनी सिंह

हनी सिंह ने कहा था- “सच ये है कि मैं बाइपोलर डिसऑर्डर से जूझ रहा हूं। यह सब 18 महीने चला, इस दौरान मैंने चार डॉक्टर्स बदले। दवाइयां मुझ पर काम नहीं कर रही थीं। मेरे साथ अजीब चीजें हो रही थीं।” बायपोलर डिसऑर्डर के साथ ही हनी शराब की लत का शिकार हो गए थे और उन्हें इसका भी इलाज कराना पड़ा था। उन्हें ऐसा लगता था जैसे बर्बादी की ओर जा रहे हैं। वहीं डॉक्टर्स को हनी सिंह की बीमारी डाइग्नोस करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दरअसल हनी के केस में उन्हें कई महीनों तक दवाइयां सूट ही नहीं करती थीं, जिसकी वजह से वो फ्रस्ट्रेशन के शिकार होते जा रहे थे। जिसके बाद डॉक्टर्स की एक टीम ने उनकी बीमारी को सही डाइग्नोस कर इलाज शुरू किया और धीरे-धीरे हनी सिंह इस डिसऑर्डर से ठीक हो गए।

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